१५वीं लोक सभा से तो छुटकारा मिल गया, पर ....


चलो १५वीं लोक सभा से तो छुटकारा मिल गया, पर आने वाला बंदा कितना अच्छा करेगा ये भी तो नहीं मालूम - चापलूसों और भ्रष्टाचारियों से छुटकारा मिलेगा इसका कोई वादा नहीं मोदी राज में, और इसका भी कोई अतापता नहीं कि 'महिलाओं के कपड़ों को रेप का कारण बताने वालों' की संख्या में अचानक वृद्धि हो जाये। ये भी नहीं मालूम कि जो १० पैसे अभी पहुचते हैं जनता तक, वो बढ़कर ८०-९० पैसे होंगे, कि नहीं। ये भी नहीं मालूम कि किसानों का क्या होने वाला है, ये भी नहीं मालूम जल जंगल और जमीन की मालिक आदिवासी, किसान कभी बन पायेगा या नहीं, ये भी नहीं मालूम कि देश के रक्षा निर्माण उद्योग का धीमापन अब तेजी में बरकरार होगा कि नहीं - कोई विज़न तो दिखाई नहीं देता - खाली चाय पिलाने से नहीं होगा मोदी जी, सही इतिहास और विज्ञान पढ़ाएंगे तभी भारत आगे बढ़ेगा, ४० करोड़ को गरीबी रेखा के ऊपर लाना होगा - उनको उद्यमी बनाकर, जमीन देकर न कि १०० दिन का रोजगार देकर और २ रुपये किलो चावल देकर। सिस्टम में पैसा कहाँ जाता है इसका ख्याल रखना होगा, सरकारी पैसे सरकारी अफसरों के जेबे न भरे, इसको रोकना होगा। प्राथमिक स्वास्थ्य और प्राथमिक शिक्षा तंत्रों को सही ढंग से पांच साल चला दीजिये - लोग 'मेडिकल कॉलेज' और 'प्राइवेट स्कूलों' से 'प्राथमिक स्वास्थय केंद्र' और 'सरकारी प्राथमिक स्कूल' की तरफ भागने लगे - तो समझ लीजिये, देश को विकसित देशों की श्रेणी में लाने का सारा श्रेय मोदी जी आपको ही जायेगा - डगरिया कठिन है, मंजिल तक पहुचना असम्भव नहीं - लेकिन सबसे पहले अपने विज़न को साफ़ कीजिये - नहीं तो मंजिल साफ़ नज़र नहीं आएगी और आप बीच में अटक जायेंगे और चाय पियेंगे और पिलायेंगे।