दाल में उतना ही प्रोटीन होता है जितना चिकन में - दाल हमारी रोजमर्रा की जिंदगी का हिस्सा है


पश्चिमी देशों (ब्रिटेन सहित) में लोगो के बीच में यह धारणा है कि चूंकि भारतीय मूलतः शाकाहारी होते हैं (वैसे सब पूर्णतया शाकाहारी होते नहीं है - मीट मछली एक बड़ा तबका खाता है - पर डाईट का बड़ा भाग शाकाहारी ही होता है), उन्हें प्रोटीन कम मिलती है इसलिए उनकी लम्बाई कम होती है और भारतीय विटामिन बी१२ की कमी से मरे जा रहे हैं। ---- अपने देश में शाकाहार की परिभाषा में दूध और उससे सम्बंधित उत्पाद शामिल है जो विटामिन बी१२ का ठीकठाक स्रोत है और वैसे भी हमारे शरीर को बी१२ बहुत भारी मात्रा में जरुरत नहीं होती है। दूसरी बात प्रोटीन की - दाल में उतना ही प्रोटीन होता है जितना चिकन में - दाल हमारी रोजमर्रा की जिंदगी का हिस्सा है - लेकिन ये बातें अब उन्हें कौन समझाए - कल एक प्रोफेसेनल 'डाइटिसियन' से बात हो रही थी - उसको लगता था कि हम चावल भी कम खाते है जो कि 'प्रोटीन' का एक बड़ा स्रोत है - अब पता नहीं कौन से देश से डाइटिसियन का कोर्स किया था - हमने तो ये सारी चीजे सिर्फ आठवी में पढ़ी थी।