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घर में कुत्ते बिल्ली पाल लेंगे, पर माँ बाप को रखना दूभर है। क्यों? क्योंकि माँ बाप प्राइवेसी में दखल देते है और उन्हें 'संभाले' कौन? कुत्तों की कम सेवा नहीं करनी पड़ती - अलग से भोजन बना के दो, "पू" और "पी" करे तो सम्भालों; नहलाओं, धुलाओ; जाड़ा लगे, तो इंतजाम करो; बीमार हो जाये तो डॉक्टर को दिखाओ; यह भी देखो कि कही दूसरे को काट न ले - पश्चिम के समाज में भी परिवार से सम्बंधित बहुत अच्छी चीजे हैं (जैसे व्यक्तिगत स्वतंत्रता और प्राइवेसी का ख्याल रखना - और ये हमें सीखना है, भारतीय परिवारों में दबंगई बहुत है) पर मुझे उनके समाज की यह चीज (माँ बाप को अकेला छोड़ देना) मुझे बिलकुल पसंद नहीं। हम भी वही ट्रेंड अपनाते जा रहे हैं - माँ बाप को सरकारी पेंशन के सहारे छोड़ रहे हैं या उनको उनकी जवानी की बचत के सहारे छोड़ रहे हैं। अरे! जब कुत्ता बिल्ली पाल सकते हो, तो माँ बाप को रखने में कौन सी समस्या है? - नहीं कुछ तो तुम्हारे बच्चो को कुछ अच्छी बातें ही सिखा देंगे जो उन्हें उनकी जड़ों से बाँधे रखेंगी।