Cricket in my village in Sitapur district

Cricket in my village in Sitapur district
इंग्लैंड से दो साल बाद घर वापसी हुई थी। होली का मौसम था। सब लोग घर पर मौजूद थे।  अम्बरीष और मोहित भाई भी गाँव पहुंच चुके थे। अचानक प्लान बना - क्रिकेट खेलने का।  फिर क्या था - छह लोग तो थे ही। नियम निर्धारित किये गए - राजा के खेत में डायरेक्ट गेंद जाएगी तो खिलाडी आउट माना जायेगा इत्यादि इत्यादि। टेस्ट की तरह खेलना था। एक दो ओवर तक खेलना बड़ी उपलब्धि मानी जाती थी क्योंकि इतने कड़े नियमों में देर तक ठीके रहना संभव ही नहीं था। बड़ा मज़ा आया था।