रिश्ते बहुत महत्वपूर्ण होते हैं इन्हें टूटने से बचाएँ। पैसे के घमंड में आकर रिश्ते न तोड़े।

अपने जीवन में आप एक गाँठ बाँध लें कि आप अपने जानने पहचानने वालों, रिश्तेदारों इत्यादि को कभी भी किसी भी तरीके से अपमानित न करें क्योंकि आपकी वो बात जो आपको छोटी लगती है किसी के दिल में ऐसा घाव कर जाती है जो जिंदगी भर नहीं भर पाता है। मैंने बहुत बार देखा है कि हम अपने से छोटे लोगों को डाँट देते हैं, उन्हें भला  बुरा बोल देते हैं, कभी कभी तो लोग अपने से उम्र में छोटे लोगों को गालियाँ तक दे देते हैं। ऐसा करना से रिश्ते बिखर जाते हैं। उम्र में छोटा व्यक्ति भले ही आपका लिहाज करने की वजह से आपकी गलियों का जावब गाली से न दे परंतु वह उन गलियों से उत्पन्न घाव को जिंदगी भर याद रखता हैं। आपको लगता है कि आज आपके पास पैसा है और उम्र में छोटे भाई या बहन की सहायता कर आप उस पर अहसान कर रहे हैं तो ऐसा बिलकुल भी नहीं है और इसकी वजह से आपको अपने भाई या बहन को अपमानजनक शब्द कहने का लाइसेंस मिल जाता है तो आप गलत हैं।  हमारे समाज में बड़े होने का मतलब अक्सर ये लगाया जाता हैं कि उनके अपने से उम्र में छोटो को कुछ भी कहने का अधिकार है। ऐसा नहीं है। आप चाहे जितने ही बड़े क्यों न हो, चाहे जितने ही पैसे वाले क्यों, आपने चाहे जितनी ही अपने भाई बहन की सहायता क्यों न की हो, आपको उनकी बेइज्जती करने का अधिकार नहीं है। रिश्ता कोई भी हो, चाहे माँ ही क्यों न हो अपने बच्चे को जलील, अपमानित करने का अधिकार उसे भी नहीं है। और अगर बड़े अपने से छोटों को जलील करते हैं तो ये याद रखिये कि छोटे उस बाद को कभी भी नहीं भूलते हैं - वह बात उनके दिल में रहती है - जिंदगी में जब कभी समय बदलेगा, उसके भी अच्छे दिन आएंगे, तब हो सकता है वह अपनी बेइज्जती का बदला आपकी बेइज्जती करके ले। इसलिए अगर आप किसी की किसी भी तरह की सहायता करते भी हैं, तो ये मत सोचे कि दूसरा व्यक्ति आपका गुलाम हो गया है, आप उसे कैसे भी ट्रीट कर सकते हैं, आप उसे गली दे सकते हैं उसकी बेइज्जती कर सकते हैं।  नहीं आप नहीं कर सकते ऐसा कुछ।  और ऐसा करते भी है तो भविष्य में अपने साथ भी वैसा ही व्यवहार होगा इसके लिए तैयार रहे। रिश्ते बहुत महत्वपूर्ण होते हैं इन्हें टूटने से बचाएँ। पैसे के घमंड में आकर रिश्ते न तोड़े।