इंटरव्यू की तैयारी कैसे करें: कुछ महत्त्वपूर्ण बिंदु


यदि आप पहली बार किसी इंटरव्यू में भाग लेने जा रहे हैं तो जाहिर है आप थोड़ा नर्वस तो होंगे ही। लेकिन किसी इंटरव्यू में सफल होना कोई बड़ी बात नहीं है अगर आप निम्नलिखित बातों का ध्यान रखें

पूर्व तैयारी - किसी भी इंटरव्यू में जाने से पहले आपको कई प्रकार की तैयारियां करनी पड़ती हैं - अपने अब तक के करियर या शिक्षा के बारे में पूर्ण जानकारी होनी चाहिए।  अगर आपको शक हो कि आप अपने पूर्व करियर का अच्छे से वर्णन नहीं कर पर रहे हैं तो आपको उसकी तैयारी कर लेनी चाहिए। अपने पूर्व करियर के बारे में कभी नेगेटिव न सोचे भले ही आप ने किसी छोटी कंपनी में नौकरी की हो या खेती किसानी की हो - साक्षात्कार में हमेशा अपने कार्यों को एक सकारात्मक नज़रिये से प्रस्तुत करें और इस तरीके से प्रस्तुत करें जिससे साक्षातकर्ताओं को मालूम पड़े कि आपने अपनी जॉब में कई महत्वपूर्ण चीजे सीखी है जो आपकी स्किल्स को अच्छा करने में सहायक साबित हुई हैं।

इंटरव्यू में आपकी ड्रेस महत्वपूर्ण होती  हैं - शिक्षा या कॉर्पोरेट क्षेत्र में साक्षात्कार देने जाने के लिए निम्न बातों का ध्यान रखें - आपकी ड्रेस ज्यादा चमकीली और कसावदार नहीं होनी चाहिए  और न ही बहुत ढीली। लड़के अपने बालों को छोटा और कंघी किया हुआ रखें। बीच से मांग निकालने से बचें। यदि आपको टाई नहीं पसंद है, या उसमे सहज महसूस नहीं करते हैं तो मत लगाएं। बेल्ट सिंपल होनी चाहिए। चमड़े के काले जूते पहनने चाहिए - अगर आपको इस प्रकार के फॉर्मल ड्रेस पहनने की आदत नहीं है तो आप एक दो महीने पहले से इन्हें पहनने की आदत डालिये। नाखून कटे हुए होने चाहिए और क्लीन शेव करके जाना चाहिए। अगर क्लीनशेव की आदत नहीं तो कई महीने पहले से इसकी आदत डालें।

इंटरव्यू में जाने से पहले कभी ये न सोचे कि आपका सिलेक्शन नहीं हो पायेगा या हो पायेगा।  इंटरव्यू को एक चैलेंज के तौर पर लें और हमेशा नेचुरल एंड पॉजिटिव रिस्पांस दें। एक सवाल जो अक्सर पुछा जाता है कि आप अगर टीम में काम कर रहे हैं और आपका एक साथी बहुत ही आलसी है तो आप उससे कैसे निपटेंगे। ऐसे सवाल काफी चैलेंजिंग होते हैं। जाहिर है कि कोई भी इंटरव्यू लेने वाला ऐसा कर्मचारी नहीं लेना चाहेगा जो ये जवाब दे कि मैं उस अलसी साथी को वार्निंग देकर निकाल दूंगा और किसी दूसरे व्यक्ति को चुनुंगा। आपका जवाब ये होना चाहये कि मैं उससे बात करूँगा और उसकी परेशानी समझने की कोशिश करूँगा - हो सकता है कि उसे कोई शारीरिक या मानसिक या पारिवारिक या किसी और तरीके को समस्या हो जिसकी वजह से वह अपना पूरा ध्यान काम में न लगा पाता हो - मैं उसकी समस्याओं को जानकार उसकी समस्याओं को दूर करने का प्रयास करूँगा और उसे काम में मन लगाने के लिए उत्साहित करूँगा।

कभी भी अपने आपको ऐसा दिखाने की कोशिश न करें जो आप हैं नहीं।  आप में काफी कमिया भी होंगी जिन्हें आपको जब पूछा जाय तो बताना चाहिए पर ये धयान रखना चाहिए कि कमियों को कुछ इस प्रकार से बताएं कि वो कमिया भी आपकी पॉजिटिव पॉइंट लगें। जैसे भावुक होना एक कमी हो सकती हैं पर भावुक होना कभी कभी आपको दूसरे की समस्याएं समझने में मदद भी करता है - यही चीज आपको इंटरव्यू लेने वालो को कहानी है कि मैं भावुक तो हूँ पर कभी कभी अपने साथियों की परेशानियों को समझने में और सहारा देने में यह कमी एक पॉजिटिव पॉइंट बन जाती हैं।