तेजस एक्सप्रेस

तेजस एक्सप्रेस ले आओ या महामना, भारतीय कभी नही सुधरेंगे। मैं जब भी हवाई यात्रा करता हूँ, तो एक चीज नोट करता हूँ, भारतीय होगा तो भारतीय को देख मुस्कुराएगा नहीं, खीस निपोर कर एयर होस्टेस से बार बार शराब मांगेगा। जितनी देर में एयर होस्टेस सबको नाश्ता बांट कर आती है, उतनी देर में हिंदुस्तानी अपनी गिलास खाली करके फिर से शराब मांगने के लिए तैयार हो जाता है। कहेगा फ्री मिल रही तो क्यों न पियें। हेडफोन तो छोड़ो, लोग कंबल भी उठाकर घर ले आते हैं। पब्लिक वाशरूम में से साबुन चुरा ले जाते हैं। सरकार को चाहिए कि ये बुलेट और सुपरफास्ट लक्ज़री ट्रेन का चक्कर छोड़े और वही लोहे पर जड़ी लकड़ी वाली फँटियों वाली ट्रेन ही चलाये। हिंदुस्तानी वही deserve करते हैं। हिंदुस्तानी महामना और तेजस जैसी ट्रेन्स में चलने के लायक ही नहीं हैं।