अरुंधति सूजन रॉय और फिक्शन

अरुंधति सूजन रॉय के अनुसार 6 दिसंबर 1992 को कारसेवकों से भरी अयोध्या से चली साबरमती एक्सप्रेस 27 फरवरी 2002 को गोधरा जंक्शन पहुचीं जहां मंदिर न बना पाने से हताश कारसेवकों ने अपने आपको डिब्बे में बंद करके किरोसीन छिड़क कर आत्मदाह कर लिया ताकि दंगा भड़काया जा सके। हा हा। वैसे आपको बता दूँ ये फिक्शन लिखती है - पर इतना बुरा और अतार्किक फिक्शन लिखती है, ये मुझे नहीं मालूम था।