उत्तर प्रदेश के लोग सबसे कम क्षेत्रवादी होते है।

मुझे लगता है हिंदुस्तान के सभी राज्यों में उत्तर प्रदेश के लोग सबसे कम क्षेत्रवादी होते है। हर राज्य का निवासी अपने राज्य को लेकर नारे जयकारे लगाते हुए मिलता है। जैसे बंगाली अपने बंगाली होने के नशे में चूर रहता है, पंजाब वाला अपने पंजाबी होने के, हरियाणा वाला अपने हरियाणवी होने में, असम का आदमी अपने असमिया होने में, दक्षिण की कहानी तो आप सब जानते ही है, गुजरात महराष्ट्र और राजस्थान का भी यही हाल है। बिहार के लोगों का भी हाल कुछ ऐसा ही है। कश्मीरी मुल्लों का अलगाववाद तो आप सब जानते ही हैं। ओड़िया भी अपने को ओडिसा से होने गर्वित महसूस करते हैं। गोवा के लोग भी ऐसे ही होते हैं। अब बचे सिर्फ एमपी और यूपी। इन दो राज्यों के लोगों को मैंने कभी खुद के स्टेट पर घमंड करते नहीं देखा, क्षेत्रवादी प्रवृत्ति नहीं देखी। कभी सुना है जय यूपी? जय बिहार, जय राजपूताना, जय महाराष्ट्र, जय गुजरात जरूर सुना होगा।